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यह संगठन मादक द्रव्यों के दुरूपयोग तथा इससे पैदा होने वाले यौन स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर काम कर रहा है। 1990 से यह संस्था मादक दवाओं की मांग को कम करने की दिशा में काम कर रहा है और एक पुनर्वास केंद्र भी चला रहा है जिसमें प्रशिक्षण, नशामुक्ति, पुनर्वास तथा सलाह सेवाएं देने का कार्य भी किया जाता है।
इसके अलावा इस संस्था ने अनेक अभिनव प्रयोग भी किए हैं जैसे कि समुदाय आधारित पेशागत पुनर्वास, उपचार के बाद देखभाल और पूछताछ, आध्यात्मिक शिक्षा, स्व-सहायता समूहों के निर्माण में सहायता, नशामुक्त हो चुके लोगों के लिए उत्सवों के दौरान कैंपों का आयोजन, इस विषय के बारे में समुदाय को संवेदनशील बनाना तथा व्यक्ति एवं परिवार को मादक दवाओं के दुरूपयोग से पैदा होने वाली समस्याओं के बारे में सशक्त बनाना आदि।
नशामुक्ति तथा पुनर्वास केंद्रों के द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए तथा समुदाय आधारित समूहों को मादक दवाओं की मांग को कम करने संबंधी कार्यों को अधिक टिकाउ ढंग से चलाने के लिए उर्जावान बनाने हेतु प्रोग्राम ई-41 के तहत इस संस्था ने इंफाल घाटी में मादक दवाओं के प्रयोग तथा एच.आई.वी. क़े बारे में परिस्थिति के आकलन के लिए कार्यक्रम आयोजित किए हैं। संस्था ने कइएजेंसियों को स्थानीय, प्रांतीय तथा क्षेत्रीय स्तरों पर संसाधन श्रोत विकसित करने के लिए क्षमतावान भी बनाया है। राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों मे आरअारटीसी क़े तहत इस संस्था ने सेवप्रदाताओं को 5-दिवसीय तथा एक महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के द्वारा सक्षम बनाया है। आर.आर.टी.सी. सामुदायिक भागीदारी तथा सामुदायिक संसाधन संग्रहण को भी प्रोत्साहित करता है। आर.आर.टी.सी. ने समाज कल्या विभाग, राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी, नार्कोटिक्स अफेया ऑफ बॉर्डर , गैर सरकारी संस्थाओं तथा स्वसहायता समूहों के साथ मिलकर संपर्क सूत्र बनाने तथा सामाजिक पैरवी का काम भी किया है।
आर.आर.टी.सी. ने अबतक सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता मंत्रालय के साथ काम कर रहे 26 गैर सरकारी संगठनों, 12 सरकारी एजेंसियों, 14 समुदाय आधारित समूहों, 7 स्व-सहायता समूहों तथा 13 सामुदायिक नेतृत्वकर्ताओे के साथ मिलकर प्रशिक्षण, परिस्थिति आकलन अध्ययन, सह संयोजन तथा राज्य में जिन नशीली दवाओं का दुरूपयोग किया जा रहा है उनकी रोकथाम के बारे में चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में इनके विचार लेने जैसे कायोका संपादन भी किया है। प्रोजेक्ट ई-41 के तहत इसने समवर्गियों ( peers )के साथ सहयोग का कार्यक्रम भी शुरू किया है जिसके अंतर्गत 20 प्रशिक्षित समवर्गियों (10 पुरूष तथा 10 महिलाएं) को मनीपुर के 9 गैर सरकारी संस्थाओं के साथ जोड़ा गया है। इस कार्यक्रम के फलस्वरूप नशामुक्त रहे लोगों तथा नशीली सुइयों का सेवन करने वाले लोगों के पतिपत्नी का स्वसहायता समूह निर्मित हुआ। अबतक में 734 (451 महिला तथा 283 पुरूष) लोगों ने सुरक्षित आचरण के बारे में सूचना प्राप्त की है, 204 लोगों को सलाह सेवाएं मिली हैं, 394 लोगों को रेफरल संबंधी लाभ प्राप्त हुआ है जिसमें 21 डी.ओ.टी. क़ार्यक्रमों, 114 स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं में, 48 वीसीटीसी, 86 ड़ी.ड़ी.आर.सी. 85 स्वसहायता समूहों16 पेशागत प्रशिक्षण तथा 27 को अन्य सेवाओं के लिए भेजा गया है। नशामुक्त हो रहे लोगों तथा इनके पतिपत्नियों के लिए भी 2 ड्रॉप-इन केंद्र खोले गए हैं जहां आकर ये मनोरंजक गतिविधियों के द्वारा अच्छा समय बिता सकते हैं और नशामुक्त होने के लिए समूह की सहायता ले सकते हैं, स्वास्थ्य संबंधी देखभाल कार्यक्रमों में आने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के संपर्क में आ सकते हैं तथा उत्पादकता के लिए पेशागत पुनर्वास कार्यक्रममें शरीक हो सकते हैं।
अप्रील 2003 से लेकर मार्च 2004 के बीच आर.आर.टी.सी. (उत्तर पूर्व 1-असम तथा मनीपुर) के द्वारा किए गए कार्यों का संक्षिप्त विवरण
गैलेक्सी क्लब के अंतर्गत आर.आर.टी.सी. उत्तर पूर्व 1 राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान, सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता मंत्रालय, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नैको), यूएनअोड़ीसी, समाज कल्याण विभाग, राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी, गैर सरकारी संगठनों , सरकार, समुदाय आधारित संगठनों तथा स्वसहायता समूहों के साथ मिलकर अनेक कार्यक्रम चला रहा है। यह मादक दवाओं के दुरूपयोग को एक चुनौती के रूप मे लेता है जिसमें सभी स्तरोपर सहयोग की जरूरत है। इसने असम तथा मनीपुर में विभिन्न सरकारी तथा गैर सरकारी संगठनों, स्वसहायता समूहों तथा समुदायों के साथ मिलकर प्रभावकारी हस्तक्षेपों तथा स्थायी उपायों के लिए संपर्कसूत्रों को बनाने तथा सामाजिक पैरवी का काम शुरू किया है। इसके अलावा आर.आर.टी.सी. 1 ऌन कार्यक्रमों में लगे हुए लोगों की जानकारी तथा क्षमता के विकास को भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण गतिविधि मानता है।
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प्रशिक्षण नशामुक्ति केंद्र सामाजिक पैरवी तथा नेटवर्किंग समवर्गी नेतृत्व दृष्टिकोण
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एच आई वी एड्स सामुदायिकड्रॉप इन सेंटर दस्तावेजीकरण आगंतुक
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