तिरूवनंतपुरम में 'फिंगोडैप' (एफ.आ.ई.एन.ज़ी.ओ.ड़ी.ए.पी.-मादक द्रव्य दुरूपयोग निषेध के लिए गैर-सरकारी संगठनों का फेडरेशन) के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन की रपट:
मादक द्रव्य दुरूपयोग निषेध के लिए गैर-सरकारी संगठनों का फेडरेशन (फिंगोडैप) के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन त्रिवेंद्रम में 6-8 जनवरी 2006 के बीच हुआ।
फिंगोडैप की केरल शाखा,, समाज कल्याण विभाग तथा केरल सरकार ने मिलकर इसका आयोजन किया। सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता मंत्रालय, यूएनओड़ीसी तथा कुछ अन्य संस्थाओं के द्वारा इसके आयोजन के लिए आर्थिक सहायता दी गयी।
6 जनवरी 2006 को मारिया रानी केंद्र, तिरूवनंतपुरम में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन केरल के मुख्यमंत्री श्री उमन चंडी ने किया।
इस अवसर पर अन्य कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। 486 गैर सरकारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 500 प्रतिभागियों ने इसमे हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में महत्वपूर्ण विषयों पर अनेक सत्र थे जैसे कि शराबखोरी, नशीली दवाओं का दुरूपयोग, एचआईवीएड्स वगैरह। इन विषयों पर वैज्ञानिक आलेख प्रस्तुत किए गए और प्रतिभागियों ने हर आलेख के बाद उत्साह के साथ बहस में हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, केरल सरकार तथा इस क्षेत्र में कार्य करने वाली गैर सरकारी संस्थाओं के बीच परिचय और बातचीत का भी आयोजन किया गया।
सरकारी कार्यकर्ताओं, फिंगोडैप अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थ्िति में 8 जनवरी 2006 को दोपहर 12 बजे पूर्वमंत्री श्री रमेश चेनिंथलाने समापन
भाषण दिया।
इस कार्यक्रम की सफलता का श्रेय फिंगोडैप की केरल शाखा के सुव्यवस्थित नेटवर्क को जाता है। फिंगोडैप की किसी राज्य शाखा ने पहली बार अपनी राज्य शाखा के विभिन्न सदस्य संगठनों के साथ मिलकर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।
अपनी बातचीत के दौरान सभी प्रतिभागियों ने केरल शाखा के प्रभावकारी संपर्कसूत्र आयोजन की सराहना की।
इस महा-आयोजन ने सरकारी कार्यकर्ताओं तथा जन सामान्य के बीच गहरा प्रभाव छोड़ा निश्चय ही, गैर सरकारी संस्थाओ के बीच इस प्रकार का संपर्कसूत्र स्थापित करना प्रशंसा के योग्य है।