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समुदाय का नेतृत्व करने वालों तथा कार्यकर्ताओं, कॉरपोरेट क्षेत्र के अधिकारियों तथा अन्य व्यवसायों एवं उद्योगों के प्रतिनिधियों, औपचारिक तथा अनौपचारिक शिक्षकों, स्वसहायता समूहों में काम करने वाले लोगों को शराब तथा अन्य मादक द्रव्यों से संबंधित समस्याओं के बारे में संवेदनशील बनाया जाए ताकि विभिन्न क्षेत्रों में पर्याप्त एवं समुचित कदम उठाए जा सकें।
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इस तरह के प्रयत्न के लिए विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण मॉडयूलों की आवश्यकता होगी। साथ ही उनका मानकीकरण तथा विभिन्न भाषाओं में अनुवाद भी आवश्यक होगा। क्षेत्रीय प्रशिक्षण संसाधन केंद (आरआरटीसी) क़ो इस कार्य में एनसीड़ैप की मदद करनी होगी
गैर सरकारी संगठनो, समुदाय आधारित संगठनों तथा व्यवसायों को तकनीकी सहायता
ऐसी अपेक्षा की जाती है कि क्षेत्रीय प्रशिक्षण संसाधन केंद (आरअारटीसी) धीरे धीरे क्षेत्रीय स्तर पर 'विशिष्ट केंद्र' के रूप में स्थापित हों जो गैर-सरकारी संगठनों, समुदाय आधारित संगठनों, तथा व्यवसायों को तकनीकी जानकारी तथा बैक-स्टॉपिंग प्रदान कर सके। इस संदर्भ में निम्नलिखित कार्य आवश्यक होंगे
** गैर सरकारी संस्थाओं, समुदाय आधारित संस्थाएं तथा उद्यमों को विशेषज्ञों की सलाह उपलब्ध करवाना।
**सेवा प्रदान करने में निपुणता को बढ़ाने के लिए गैर सरकारी संस्थाओं तथा समुदाय आधारित संस्थाओं को मदद करना।
**उद्यमियों तथा श्रमिकों के संगठनों एवं गैर सरकारी संगठनों को कार्यस्थल पर नशाखोरी रोकने में मदद करना।
प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण
नशा मुक्ति सलाह तथा पुनर्वास के बारे में तीन महीने का सर्टिफिकेट पाठयक्रम - यह कार्यक्रम नशामुक्ति केंद्रों के कार्यकर्ताओं के लिए बनाया गया है। इसमें देश भर से प्रतिभागी तो शामिल होते ही हैं साथ ही पड़ोस के सार्क देशों से भी प्रतिभागी शामिल होते हैं। अबतक 12 ऐसे कोर्स आयोजित किए जा चुके हैं जिसमें शिलौंग में केवल उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए आयोजित 2 कार्यक्रम भी शामिल है।
मादक दवाओं के दुरूपयोग निषेध के लिए एक महीने का आधारभूत पाठयक्रम - यह पाठयक्रम सेवाप्रदाताओं को नशीली दवाओं के दुरूपयोग रोकने के बारे में आधारभूत जानकारी देने के लिए शुरू किया गया है। यह पाठयक्रम उपचार तथा पुनर्वास केंद्रों में काम करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए बनाया गया है जिसमें देश भर के प्रतिभागी भाग लेते है।
नशाखोरी के बारे में पांच दिवसीय पाठयक्रम - यह पाठयक्रम सेवाप्रदाताओं को नशीली दवाओं की मांग, नशाखोरी, नशेड़ी व्यक्तित्व तथा नशे की लत को दर्शाने वाले आचरणों, शुरूआती समझ तथा चेतावनी के लक्षणों की पहचान के बारे में अभिमुख करने के प्रेरित करने तथा हस्तक्षेप के लिए बनाया गया है।
नशाखोरी के बारे में सलाह सेवाओं के लिए पांच दिवसीय पाठयक्रम - नशीली दवाओं की मांग कम करने के लिए काम करने वाले सलाहसेवा प्रदाताओं के ज्ञान को व्यापक बनाने, उनकी चिकित्सा संबंधी योग्यताओं तथा इस क्षेत्र में काम करने के उत्साह को बढ़ाने तथा इसमें अपना योगदान करने के लिए व्यक्तिगत, पारिवारिक तथा सामूहिक स्तर पर आयोजित पाठय।
ज्यादा जोखिम वाले समूहों में रोकथाम संबंधी हस्तक्षेप के लिए पांच दिन का पाठयक्रम - ज्यादा जोखिम वाले समूहों के बीच काम करने वाले सेवाप्रदाताओं को इंगित समूहों जैसे ट्रक चालकों, यौनसेवा प्रदान करने वालो तथा बेघर बच्चों के आचरण मे परिवर्तन, सामाजिक परिवेश आदि के बारे में सजग बनाना।
नशीली दवाओं के दुरूपयोग पर शोध, त्वरित मूल्यांकन तथा नजर रखने के लिए 5 दिन का पाठयक्रम - कार्यक्रम प्रबंधकोंसामाजिक कार्यकर्ताओं को नशीली दवाओं के दुरूपयोग पर शोध, त्वरित मूल्यांकन तथा नजर रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देशों से अवगत कराना।
पारिवारिक तथा सह-निर्भरता के प्रबंधन के लिए 5 दिनों का कोर्स - सलाह सेवाएं देने वालो तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को नशे के आदी व्यक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण अन्य व्यक्तियों के परिवार तथा सहनिर्भर लोगों से प्रभावी ढंग से निबटने के लिए यह कोर्स प्रशिक्षण प्रदान करता है। नशे के आदी लोगों के अलावा अन्य महत्वपूर्ण लोगों को जरूरी सूचना तथा दक्षता प्रदान करना इस कोर्स का लक्ष्य है ताकि रोकथाम से लेकर लत ठीक होने के बाद दी जाने वाली सेवाओं की पूरी श्रृंखला के बारे में उन्हें समझदारी प्राप्त हो सके।
पुनर्वास तथा लत में फिर से पड़ने को रोकने के लिए 5 दिन का कोर्स - सेवा प्रदाताओं को पुनर्वास के सैद्धांतिक मॉडल की समझदारी से संबंधित मुद्दों तथा कार्यप्रणालियों के बारे मे जानकारी देना तथा पुनर्वास एवं फिर से लत पकड़ने से बचाने के लिए कार्यक्रमों को बनाने तथा उनका क्रियान्वयन करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना।
नशीली दवाओं के दुरूपयोग एवं एचआईवी एड्स की रोकथाम तथा प्रबंधन के लिए 5 दिन का कोर्स- नशीली दवाओं का प्रयोग करने वाले लोगों के बीच एचआईवीएड्स की रोकथाम के बारे में सेवा प्रदाताओं को जानकारी प्रदान करना। यह खून के द्वारा फैलने वाले विषाणुजनित रोगों तथा नशीली दवाओं के प्रयोग के बीच संबंध पर केंद्रित कोर्स है। यह इस बात की भी पड़ताल करता है कि किस प्रकार नशीली दवाओं की लत के उपचार के बारे में वर्तमान में प्रचलित दृष्टिकोण को इसके स्वास्थ्य संबंधी तथा आचरणमूलक पक्षों के मद्देनजर संशोधित करने की जरूरत है।
कार्यस्थल पर शराबखोरी तथा नशीली दवाओं के दुरूपयोग को रोकने के लिए 5 दिन का कोर्स-प्रोजेक्ट अधिकारियों तथा वरिष्ठ सलाहसेवा दाताओं
युवा समन्वयकों के लिए नशीली दवाओं के बारे में 5 दिन का ज्ञानार्जन कार्यक्रम - इस की रूपरेखा विशेषकर राष्ट्रीय सेवा योजना तथा नेहरू युवा केंद्र के युवा समन्वयकों को नशीली दवाओं का दुरूपयोग रोकने के बारे में जानकारी देने के लिए बनायी गयी है। यह मैंनुअल नशीली दवाओं के दुरूपयोग को रोकने के बारे में सूचनाआं तथा दक्षता विकास के लिए आवश्यक जानकारी विस्तार से उपलब्ध करवाता है।
जेल तथा सुधार संस्थाओं के अंदर नशीली दवाओं के आदी लोगों के उपचार और पुनर्वास के लिए 5 दिन का कोर्स - यह जेल तथा सुधार संस्थाओं के अंदर काम करने वाले मध्यस्तर के कार्यकर्ताओं जैसे अधीक्षक, उपाधीक्षक, जेलर तथा कल्याण अधिकारियों को इन संस्थाओं के अंदर रहने वाले नशीली दवाओं तथा शराब की लत वाले लोगों के साथ वैज्ञानिक तथा व्यावहारिक ढंग से आचरण करने के लिए संवेदनशील तथा सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है।
नशे की लत के प्रबंधन का आकलन करने के लिए 5 दिन का कोर्स - नशीली दवाओं की मांग को कम करने के लिए आवश्यक दक्षता तथा तकनीक विकसित करने के लिए अपने ग्राहक का खाका बनाने, रिकॉर्ड करने तथा उनके दस्तावेजीकरण के बारे में प्रशिक्षित करने के लिए यह कार्यक्रम बनाया गया है।
प्रबंधन विकास कार्यक्रम के बारे में 3 दिन का पाठयक्रम - उपचार केंद्रों के प्रोजेक्ट प्रबंधकों के लिए कार्यक्रम प्रबंधन, खाका निर्माण, टीम के निर्माण तथा रिपोर्ट संबंधी व्यवस्था विकसित करने के लिए आवश्यक मौलिक दक्षता प्रदान करना इस कोर्स का उद्देश्य है।
मानव संसाधन तथा विकास
अपने विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा 2003 तक नशीली दवाओं के दुरूपयोग तथा एचआईवीएड्स की रोकथाम के क्षेत्र में काम करने वाले 1285 लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। पिछले वित्तीय वर्ष में छोटी तथा लंबी अवधि के करीब 34 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें 500 से अधिक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है।
शोध तथा प्रलेखीकरण शोध:
देश में नशीली दवाआ की प्रकृति, प्रसार की सीमा तथा तौर तरीके के बारे में राष्ट्रीय सर्वेक्षण-मंत्रालय तथा यू.एन.ओ.ड़ी.सी. क़े द्वारा मिलकर चलाए जाने वाले राष्ट्रीय सर्वेक्षण प्रोजेक्ट डी-83 के साथ एनसीड़ैप सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। इस केंद्र ने राष्ट्रीय घरेलू सर्वेक्षण में भी सहयोग प्रदान किया है तथा नशीली दवाओं के दुरूपयोग पर नजर रखने के लिए बनायी गयी व्यवस्था 'डैम्स' (डीएएमएस ) ज़ो कि राष्ट्रीय सवेका एक हिस्सा भी है, के लिए गैर-सरकारी संगठनों को अभिमुख करने का कार्य भी किया है।
यह केंद्र देश में नशीली दवाओं के दुरूपयोग पर नजर रखने के लिए डैम्स गतिविधि को लगातार चलाता रहता है।
दस्तावेजीकरण-
इस केंद्र ने विशेषज्ञ संस्थाओं जैस यूएनअोड़ीसी तथा विश्व श्रम संगठन (आईएलअो) क़े साथ मिलकर नशीली दवाओं के दुरूपयोग को कम करने से संबंधित विषयों पर अनेक पुस्तिकाएं प्रकाशित की हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं-नशें का आदी हो चुके व्यक्ति का आकलन, नशें की लत से मुक्ति, व्यक्तिगत सलाह सेवाएं, परिवार और नशे की लत, पारिवारिक सलाह सेवाएं, देखभाल के बाद की सेवाएं, नशे की लत मे फिर से पड़ जाने के बाद प्रबंधन तथा समुदाय में इसकी रोकथाम आदि।
*इस केंद्र ने लोगों तक अपनी पहुंच को बढ़ाने तथा क्षमता निर्माण के उद्देश्य से कई डेटाबेस भी बनाए हैं जैसे कि-
*गैर सरकारी संस्थाओं तथा सेवाप्रदाताओं एवं उनके संगठनों के ढांचे सहित जानकारियों का डेटाबेस।
*देश के अंदर नशीली दवाओं की मांग को घटाने तथा एचआईवीएड्स की रोकथाम के क्षेत्र मे कार्यरत संसाधन व्यक्तियों एवं प्रशिक्षकों का डेटाबेस।
*एनसीड़ैप तथा यूएनड़ीसीपी-अारअोएसए द्वारा प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं तथा सेवा प्रदाताओं का डेटाबेस
प्रशिक्षण संसाधन-
सिलेबस तथा पाठयक्रम का विकास-एनसीड़ैप ने नशीली दवाओं के दुरूपयोग को कम करने के विषय पर अनेक पाठयक्रम विकसित किए हैं। इसके द्वारा विकसित किए गए पाठयक्रमों में से सर्वाधिक महत्वपूण् है।
*नशा मुक्ति सलाहसेवाओं तथा पुनर्वास पर केंद्रित तीन महीने का सर्टिफिकेट कोर्स
*नशीली दवाओं के दुरूपयोग को रोकने के विषय पर केंदित एक महीने का आधारभूत बुनियादी कार्यक्रम
प्रशिक्षण मॉडयूल-केंद्र ने नशीली दवाओं की मांग को घटाने के उद्देश्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर कुछ प्रशिक्षण मॉडयूल भी बनाए है:
*नशे की लत-पहचान और प्रारंभिक प्रेरणा
*नशे की लत के लिए सलाह सेवाएं-व्यक्ति, परिवार और समूह
*ज्यादा खतरे वाले समूह के लिए रोकथाम संबंधी कदम
*नशीली दवाओं के दुरूपयोग के बारे में शोध, त्वरित अनुमान तथा इस पर लगाातार नजर रखना
*सह निर्भरता तथा पारिवारिक मुद्दों का प्रबंधन
*पुनर्वास तथा फिर से लत पकड़ने को रोकना-मुद्दे और कार्यप्रणाली
*नशीली दवाओं के दुरूपयोग तथा एचआईवीएड्स की रोकथाम तथा प्रबंधन
*युवा समन्वयकों के लिए नशीली दवाओं के बारे में जानकारी का पुलिंदा
*लत के प्रबंधन-आकलन, ग्राहक की रूपरेखा, उससे संबंधित जानकारी को रिकॉर्ड करने तथा उसके दस्तावेजीकरण का मॉडयूल
सहयोग तथा साझेदारियां
राष्ट्रीय-
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नैको), स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्रालय के एचआईवीएड्स रोकथाम कार्यक्रम को सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता मंत्रालय द्वारा सहायता प्राप्त गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे100 नशामुक्ति केंद्रों के मादक द्रव्य दुरूपयोग कार्यक्रमों में शामिल किया जाना इस केंद्र की एक सफल पहल रही है। इसके लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नैको) के साथ मिलकर एनसीड़ैप इन केंद्रों से संबद्ध सभी जमीनकार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दे रही है।
अंतर्राष्ट्रीय-
यू.एन.ओड़ी.सी.-दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय (आर.ओ.एस.ए.) तथा सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने साथ मिलकर दो कार्यक्रम चलाए हैं-ए.ड़ी./आई.एन.ड़ी./ 99 / ई 40 (भारत मे पूरे समुदाय के अंदर मादक दवाओं की मांग में कमी) तथा ए.ड़ी./आई.एन.ड़ी./ 99 / ई 41 (भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों के अंदर समुदायों मे नशीली दवाओं की मांग मे कमी )। इस कार्यक्रम का उद्देश्य था देशव्यापी स्तर पर नशीली दवाओं की मांग कम करने के लिए कार्यक्रमों को लगातार चलाने में मदद करने के लिए आवश्यक ढांचा खड़ा करने में सरकार को मदद करना। प्रोजेक्ट ई-40 समुदाय आधारित संगठनों तथा अन्य प्रयासों को लामबंद कर देश में मादक दवाओं के दुरूपयोग काकम करने और रोकने के लक्ष्य से शुरू किया गया।
*नशाखोरी निषेध के राष्ट्रीय केंद्र (एनसीड़ैप) ने विश्व श्रम संगठन के साथ मिलकर कुछ चुनिंदा उद्योगों एवं स्वैच्छिक समूहों के सहयोग से शराबखोरी तथा मादक दवाओं के कार्यस्थल पर दुरूपयोग को रोकने के लिए देश के कुछ बड़े औद्योगिक शहरों में प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम चलाया है।
*एनसीड़ैप कोलंबों योजना के साथ मिलकर भी अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है। राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत नयी दिल्ली में 'जेलसुधारगृहों में उपचार तथा पुनर्वास का प्रबंधन' विषय पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कारागारों तथा सुधारगृहों के अंदर मादक दवाओं से संबंधित समस्याओं की वृद्धि को ध्यान में रखकर बनाया गया था।
*एनसीड़ैप कोलंबो योजना के साथ मिलकर भी अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है। राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत नयी दिल्ली में 'जेलसुधारगृहों में उपचार तथा पुनर्वास का प्रबंधन' विषय पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कारागारों तथा सुधारगृहों के अंदर मादक दवाओं से संबंधित समस्याओं की वृद्धि को ध्यान में रखकर बनाया गया था।
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